नमस्कार दोस्तों, आप लोगो ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence - AI) के बारे में तो सुना होगा, अगर आपने इसके बारे में नहीं सुना या नहीं पता तो मै आपको इसके बारे में विस्तार से बताने वाला हूँ जो कि कंप्यूटर साइंस & टेक्नोलॉजी से रिलेटेड है।
किसी इलेक्ट्रॉनिक मशीन (जैसे - रोबोट या ऑटोमेटिक / स्वचालित मशीन) में जिस टेक्नोलॉजी का उस होता है उसे ही Artificial Intelligence कहते है। अगर इस शब्द का मतलब हिंदी में समझे तो Artificial का मतलब “कृत्रिम” यानि की "आदमी के द्वारा बनाया गया" और Intelligence का मतलब “बुधिमत्ता” यानि की "सोचने की शक्ति" होता है।
जिस तरह का काम हम मनुष्य किसी को छू कर, सुन कर, या देख कर करते है उसी तरह मशीनों (जैसा कि रोबोट) को भी आज कल ट्रैनिंग देकर सिखाया जा रहा है कि वो भी किसी भी काम को खुद से कर सके और निर्णय ले सके की किसी भी काम को और बेहतर कैसे करना है, इसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मदद से ये संभव हो रहा है।
आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक बहुत बड़ा टॉपिक होते जा रहा है, जिसमे रोज कुछ ना कुछ रिसर्च हो रहा है और इसको और इम्प्रूव भी किया जा रहा है। उदाहरण के लिए आपने "Robot" और "Robot 2.0" मूवीज तो जरूर देखा होगा जिसमे इसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में दिखाया गया है कि कैसे रोबोट्स को ट्रेनिंग देकर सिखाया जा रहा है कि किसी भी काम को कैसे करना है।
अब अगर आपके मन में कुछ सवाल आ रहे होंगे जैसे की आर्टिफिशल इंटेलिजेंस में आगे क्या होने वाला है, इसका फ्यूचर बुरा होगा या अच्छा होगा तो आगे जरूर पढ़िए।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) किसी एक तरह की नहीं है बल्कि इसके बहुत से तरह से यूज होती है, बहुत सारे ऐसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) है जिन्हें हम बहुत पहले से यूज करते आ रहे है और बहुत से तो अभी फ्यूचर में आएँगी। आइये आगे जानते है की यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कितने तरीको का होता है.
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के प्रकार – Types Of Artificial Intelligence
AI को मुख्यत तीन भागों में डिवाइड किया गया है जो इस प्रकार है:
1. Weak AI (कमजोर कृत्रिम बुद्धिमत्ता): Weak AI को हम Artificial Narrow Intelligence भी कहते है। यह ऐसा इंटेलिजेंस है जो केवल एक ख़ास डिवाइस में ही, एक ख़ास काम को ही अच्छे से काम कर सकती है.
उदाहरण के लिए अगर आपका कंप्यूटर चेस का गेम बहुत अच्छा से खेल लेता है मतलब कि वह चेस खेलने में एक्सपर्ट है लेकिन वह किसी और काम को नहीं कर सकता तो उसमे Weak AI या आर्टिफिशल नेरो इंटेलिजेंस का यूज किया गया होता है।
2. Strong AI (शक्तिशाली कृत्रिम बुद्धिमत्ता): Strong AI को Artificial Wide Intelligence भी कहते है। अगर हम बात करे इंसान के दिमाग का तो ये बहुत उलझा हुआ है, इंसान के पास बहुत ज्यादा सोचने और समझने का पॉवर होता है कि किसी भी काम को कैसे करना है। ठीक वैसा ही इंटेलिजेंस किसी मशीन के अंदर डेवलप कर दिया जाए जिससे कोई मशीन भी हम इंसानों के तरह सोच सके और किसी काम को अच्छे से कर सके तो उस मशीन में यूज होने वाली उस इंटेलिजेंस को ही Strong AI कहते है जो Weak AI से एडवांस होता है।
इसी इंटेलिजेंस का यूज करके रोबोट को बनाया जा रहा है जिससे रोबोट्स हमारे तरह अनेक कामों को आसानी से कर ले लेकिन ये कब तक सफल हो जाएगा ये कहा नहीं जा सकता मतलब की इसके ऊपर अभी बहुत सारे रिसर्च हो रहें हैं। ऐसे मशीन शायद 2050 तक मार्केट में आ जायेगी तब आपको ऐसे मशीन या रोबोट्स देखने को मिलेंगे जिनका इंटेलिजेंस लेवल इंसान के बराबर होगा।
3. Singularity (विलक्षणता): इस तरह के AI को आर्टिफिशियल सुपर इंटेलिजेंस भी कहते है। इस इंटेलिजेंस में अगर कोई मशीन कुछ लर्न कर लिया या सीख लिया तो उसको खुद से ही इम्प्रूव करते रहता है।
उदाहरण के लिए अगर हमारे पास कुछ मशीन या रोबोट है तो मिल कर और अच्छा मशीन या रोबोट्स बनाएंगे और जो मशीन या रोबोट्स बनेगे उनको मिलाकर और अच्छा मशीन या रोबोट्स बनाएंगे, तो ऐसे में ये जो AI है ये और ज्यादा Exponential Level (घातीय स्तर) तक बढ़ते जायेंगे तो ऐसे में एक चीज़ निकल कर आएगी जिसे हम कहेंगे Singularity या Artificial Super Intelligence.
ऐसे में देखा जाए तो Singularity ऐसी इंटेलिजेंस है जिसके आगे इंसान कुछ भी नहीं है, मतलब अगर एक बार ये मशीन इंसानों के दिमाग के लेवल में आ गए तो बढ़ते - बढ़ते हम इंसानों से कही आगे निकल जाएंगे जो बहुत अच्छी बात है। इन मशीनों का यूज करके किसी भी चीजो पर बहुत अच्छे से कंट्रोल करेंगे, हम नए -नए एक्सपेरिमेंट करेंगे और हमारे पास बहुत पॉवरफुल रोबोट्स रहेंगे तो उनकी हेल्प से हम बहुत कुछ कर पाएंगे।
लेकिन अगर मशीन सुपर इंटेलिजेंस हो गया तो क्या रोबोट्स हमारी बात मानेगे, इस बात को लेकर दुनिया के बहुत से कंप्यूटर साइंटिस्ट यहाँ तक की बिल गेट्स और एलेन मस्क ने भी ये डाउट रखे है कि अगर मशीनों के अंदर आर्टिफिशियल सुपर इंटेलिजेंस आ गया तो दुनिया खतरे में आ जाएगी लेकिन अगर सुपर इंटेलिजेंस का समय आया और मशीनें इंसान के सारे रूल्स को सही - सही फॉलो करने लगे तो इसे हम कहेंगे Artificial Emotional Intelligence (आर्टिफिशियल इमोशनल इंटेलिजेंस), मतलब मशीनों के पास इमोशन होगा जिससे वह इंसान के कंट्रोल में रह सकेंगे।
अब आप को समझ आ गया होगा की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या AI क्या होता है और भविष्य में इसके क्या फायदे और नुकसान हो सकते है। आप अपने विचार और प्रतिक्रिया को हमें कॉमेंट करके बता सकते है।
धन्यवाद् !!




